मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा बंटी राहत सामग्री।

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जालौन : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जालौन जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया है और अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेजी से संचालित करने के निर्देश दिये है।इस दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों को खाद्य सामग्री भी वितरित की है।योगी आदित्यनाथ ने जालौन जिले में यमुना नदी में आयी बाढ़ से प्रभावित ग्राम पंचायतों एवं उनके मजरों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायला लिया। उसके बाद यहां पंडित परशुराम द्विवेदी महाविद्यालय में बाढ़ प्रभावित लोगों से भेंट कर उनकी बात सुनी और उन्हें राहत सामग्री वितरित की है। इस दौरान जनप्रतिनिधियों और जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ राहत एवं बचाव कार्यो की समीक्षा के बाद पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उन्होंने जालौन जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र जगम्मनपुर के गांवों का हवाई सर्वेक्षण कर राहत स्थिति का जायजा लिया है और राहत कार्यो की समीक्षा की है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में भारी बारिश के कारण कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण बाढ़ की यह स्थिति बनी है। लेकिन इस स्थिति से निपटने के लिए पहले से उठाये गये कदमों के कारण जालौन में कुछ लोगों की जान भी गई है और जनहानि भी हुई है, प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित करना हमारी प्राथमिकता है। योगी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को न केवल राशन की आपदा की राशि उपलब्ध करायी जा रही है बल्कि फूड़ पैकेट भी उपलब्ध कराये जाने की कारर्वाई चल रही है। जगह-जगह राहत कैम्प लगाये गये हैं, यहां पर हजारों लोग बाढ़ प्रभावित हैं ,जिनके लिए राहत सहायता और मदद करने के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के साथ नौकायें, एनडीआरएफ, एसटीआरएफ और पीएसी की यूनिट लगाकर स्वच्छता और पेयजल की भी व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि पीड़ित लोगों के लिए राशन और फूड पैकेट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने पंडित परशुराम द्विवेदी स्नातकोत्तर महाविद्यालय सभागार में जनप्रतिनधियों और जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत और बचाव कार्यो की समीक्षा कर उन्हें और तेज करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को समय पर राहत सामग्री उपलब्ध कराते हुए उनकी हर सम्भव मदद की जाए। उन्होंने जिले के बाढ़ कंट्रोल रूम सक्रिय रखने, बाढ़ की द्दष्टि से संवेदनशील स्थलों की मॉनीटरिंग करने के साथ-साथ नियमित पेट्रोलिंग करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने मनुष्य के साथ साथ पशुओं के चारे की भी व्यवस्था, इलाज के लिए दवाओं की व्यवस्था करने के निर्देश देते हुए कहा कि यमुना और चंबल के पानी कम हो रहा, एक सप्ताह के अंदर स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। इस दौरान उन्होंने जनहानि पर चार लाख रूपए और एक मकान देने की व्यवस्था के निर्देश के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों को जमीन की व्यवस्था कर भविष्य में ऊंचे स्थानों पर बसाने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए जिससे भविष्य में पुन: इस प्रकार की दिक्कत न हो।

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