काफी दिनों चल रहे देह व्यापार खुले खेल को पुलिस किया बेनकाब दो लोगो को किया गिरफ्तार। Live India Tv

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रायबरेली : देह व्यापार के गंदे खेल से प्रदूषित मोहल्ले वालों ने पुलिस को जिस्मफरोशी के खुले खेल की सूचना दी तो पुलिस ने भी आनन-फानन में छापेमारी कर मौके से दो लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है साथ ही घटनास्थल से आपत्तिजनक वस्तुओं के साथ-साथ लग्जरी कारों को भी बरामद किया है। हालाकि पुलिस की गिरफ्त में आये लोगों को छुड़ाने के लिए लोग लगातार हांथ पाव मारते रहे। मिल एरिया थाना क्षेत्र के मलिक मऊ मोहल्ले में एक डॉक्टर के घर में देह व्यापार का गंदा खेल बड़े पैमाने पर खेला जा रहा था। डॉक्टर के घर में अमेठी जनपद का रहने वाला संतोष कुमार देह व्यापार का संचालन करता था। ग्राहकों मोटी रकम वसूल कर देह व्यापार में लिप्त महिलाओं और लड़कियों को समय-समय पर बुलाया कर खुलेआम पुलिस की आंख में धूल झोंक कर इस कार्य को अंजाम दे रहा था। दिन भर बाहर से आ रही लड़कियों और ग्राहकों को देखकर मोहल्ले में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बच्चों पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा था। जिससे आजिस होकर मोहल्ले वासियों ने इसकी सूचना पुलिस को देदी। पुलिस ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए अपने उच्चाधिकारियों को सूचना दी और सीओ सिटी महिपाल पाठक के साथ बताए गए जगह पर छापेमारी की जहां से संतोष कुमार और मोहम्मद रईस छोटा घोसियाना थाना कोतवाली नगर को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पुलिस संबंधित धाराओं में पकड़े गए लोगों पर मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही में जुट गई है। जिस्मफरोशी के दलालों को पकड़कर आम जनता की नजरों में पुलिस ने अपना इकबाल तो बुलंद कर लिया लेकिन अन्य जगहों पर हो रहे गरम गोश्त के व्यापार से प्रदूषित लोग टकटकी लगाए अभी भी बैठे हैं। अब देखना यह है कि आस लगाए बैठे लोगों की उम्मीदों पर पुलिस कब खरी उतरती है। देह व्यापार के खेल में बड़े-बड़े लोगों का हाथ बताया जा रहा है। जैसे ही इस गंदे खेल का खुलासा हुआ इससे जुड़े लोग मामले को दबाने और हिरासत में लिए गए लोगों को बचाने में लग गए। सबसे खास बात की मौके से बरामद हुई स्कोडा और अन्य वस्तुओं को भी छुड़ाने का प्रयास माफियाओं ने करना शुरू कर दिया लेकिन पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आनन-फानन में हिरासत में लिए गए लोगों को संबंधित धाराओं में जेल भेज दिया। अब देखना यह है कि मौके से बरामद लग्जरी कारों और अन्य वस्तुओं को भी पुलिस दाखिल करती है या फिर उसे छोड़ देती है। फिलहाल देह व्यापार करवा रहे जिस्म के सौदागरों पर पुलिस का यह पहला प्रहार है ।अभी अन्य जगहों पर भी इसका खेल खेला जा रहा है उन जगहों पर भी प्रहार होता है या फिर पुलिस मामले को ठंडे बस्ते में डालकर अनजान बनी रहती है ।जिस्मफरोशी का गंदा खेल जिस भी मोहल्ले में खेला जाता है वहां रहने वाले लोगों पर तो इसका असर पड़ता ही है साथ ही टीनएजर्स और पढ़ने लिखने वाले बच्चों पर भी इसका बहुत ही बुरा प्रभाव होता है लेकिन समाज के इन कीड़ों पर इसका कोई प्रभाव नहीं होता। अगर पुलिस ऐसे माफियाओं और जिस्म के सौदागरो पर शिकंजा कसती है तो निश्चित तौर पर पुलिस का इकबाल तो बुलंद होगा ही साथ ही सामाजिक संस्कारों को प्रदूषित करने वाले लोगों पर भी नकेल कसने का काम होगा।

बाइट : विश्वजीत श्रीवास्तव अपर पुलिस अधीक्षक

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