पूर्व सांसद धनंजय सिंह को नैनी से फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में किया गया शिफ्ट।

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फर्रुखाबाद अजीत सिंह हत्याकांड में आरोपी बनाए गए पूर्व सांसद धनंजय सिंह को शासन के आदेश पर गुरुवार को कड़ी सुरक्षा के बीच नैनी जेल से फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया है। लखनऊ के चर्चित अजीत सिंह हत्याकांड के मामले में पूर्व सांसद पर साजिश रचने का मुकदमा दर्ज है। इस मामले में गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद धनंजय ने एक पूर्व मामले में अपनी जमानत खारिज कराकर बीते शुक्रवार को प्रयागराज के एमपी-एमएलए कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। जहां से उन्हें नैनी जेल में भेज दिया गया था। मऊ के पूर्व उप ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह की लखनऊ में हुई हत्या में धनंजय सिंह का नाम साजिशकर्ता के रूप में पुलिस ने शामिल किया है। इस मामले में उन्हें पूछताछ के लिए नोटिस भी दी गई थी, मगर उपस्थित न होने पर कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। बाद में पुलिस ने उन पर 25 हजार का इनाम भी घोषित किया। इसके अगले ही दिन धनंजय सिंह प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट में एक पुराने मामले में हाजिर हो गए थे।
प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट से पूर्व सांसद धनंजय सिंह को 14 दिन के लिए सेंट्रल जेल नैनी भेज दिया गया था। बाहुबली पूर्व सांसद पर ढाई दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। इसमें ज्यादातर लखनऊ के ही मामले हैं। हालांकि दस से अधिक मामलों में कोर्ट की ओर से फैसला भी आ चुका है, जिसमें उन्हें दोषमुक्त करार दिया जा चुका है। जेल के बाहर से लेकर जेल के भीतर तक सुरक्षा चाक-चैबंद कर दी गई थी। जेल के अंदर अतिरिक्त जेल वार्डर तैनात किए गए थे और जेल के बाहर भी पीएसी के साथ ही नैनी थाने से अतिरिक्त फोर्स लगायी गई थी। लेकिन नैनी सेंट्रल जेल में माफिया डॉन मुख्तार अंसारी और माफिया अभय सिंह के कई गुर्गे और शार्प शूटर के बंद होने से धनंजय सिंह की सुरक्षा को लेकर जेल प्रशासन पूरी तरह से आश्वस्त नजर नहीं आ रहा था। इसकी एक वजह ये भी है कि नैनी सेंट्रल जेल में अंडर ट्रायल और सजायाफ्ता दोनों ही तरह के कैदी रखे जाते हैं। नैनी सेंट्रल जेल में 2060 कैदियों को रखे जाने की क्षमता है। लेकिन मौजूदा समय में 4270 कैदियों को नैनी सेंट्रल जेल में रखा गया है। इसके साथ ही साथ पश्चिमी यूपी के कई शातिर अपराधी भी नैनी सेंट्रल जेल में बंद हैं। पश्चिम का शातिर अपराधी सागर मलिक, जिसने मुजफ्फरनगर कोर्ट के अंदर विक्की मालिक की हत्या की थी वह भी इसी जेल में बंद है। नैनी सेंट्रल जेल में 68 ऐसे बड़े कैदी बंद हैं, जो दूसरे जिलों से ट्रांसफर किए गए हैं और बड़े अपराधी हैं। जिनसे भी बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह की जान को खतरा हो सकता था। इसके अलावा नैनी सेंट्रल जेल में पूर्व विधायक उदयभान करवरिया, पूर्व एमएलसी सूरज भान करवरिया और पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया बंद हैं। इसके साथ ही मुख्तार अंसारी के करीबी घोसी से बसपा सांसद अतुल राय, पूर्व सांसद उमाकांत यादव पूर्व मंत्री अंगद यादव भी बंद हैं।
गौरतलब है कि 5 मार्च को जौनपुर के खुटहन थाने में दर्ज 2017 के पुराने मामले में प्रयागराज की एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट में बेल बांड कैंसिल करा कर बाहुबली धनंजय सिंह नैनी सेंट्रल जेल पहुंचे हैं। पूर्व ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह की लखनऊ में हुई हत्या के मामले में बाहुबली धनंजय सिंह का नाम आने के बाद लखनऊ पुलिस सरगर्मी से उनकी तलाश कर रही थी और 25000 का इनाम भी घोषित किया था। माना यही जा रहा है कि योगी सरकार में अपराधियों और माफियाओं के लगातार इनकाउंटर से डरकर ही एक रणनीति के तहत बाहुबली ने एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट में सरेंडर किया था

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